मामला भ्रष्टाचार से जुड़ा है,शासन की आंखों में धूल झोंककर उद्योग विभाग में पदस्थ मैडम 60% विकलांग सर्टिफिकेट लगाकर बनीं प्रभारी, शासन की योजनाओं को लगा रहीं पलीता,तथाकथित दलालों के सहारे चल रही दलाली,संबंधितों की धीरे-धीरे खुलेगी पोल

कटनी जंक्शन -- जिले के उद्योग विभाग में फर्जी तरीके से 60 प्रतिशत विकलांग सर्टिफिकेट के सहारे नौकरी करने वाली महाप्रबंधक के पद पर नौकरी करने वाली मैडम के ऊपर कार्यवाही कराए जाने की शिकायत संबंधित शिकायतकर्ता के द्वारा सामने आई है शिकायतकर्ता के द्वारा आज सभी दस्तावेज उपलब्ध कराए गए हैं। पत्रकार टीम के द्वारा पूरी तरह दस्तावेजों की जांच कर संबंधित बड़े पद पर बैठी मैडम और उनके सहकर्मी जो स्वयं भी विकलांग होने का ढोंग रचते हैं।

सूत्रों की माने तो नियम अनुसार प्रत्येक वर्ष डॉक्टर के समक्ष उपस्थित होकर विकलांग सर्टिफिकेट रिन्यूअल कराने हेतु नियमों का पालन करना अति आवश्यक है। जबकि अगर संबंधितों के ऊपर निष्पक्ष जांच कराई जाए तो आईने की तरह सब साफ दिखाई देगा। अगर हम बात करें तो शिकायतकर्ता के माध्यम से बताया गया कि संबंधित उद्योग विभाग में पदस्थ महाप्रबंधक मैडम जी ने फर्जीवाड़ा कर उद्योग विभाग और शासन की आंखों में धूल झोंकते हुए फर्जी तरीके से विकलांग सर्टिफिकेट लगाकर उद्योग विभाग में नौकरी प्राप्त की है। साथ ही आरोप में बताया गया कि सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगने वालों को जानकारी नहीं दी जाती है और सूचना के अधिकार के नियमों की धज्जियां उड़ाई जाती हैं आरटीआई कार्यकर्ता को जानकारी के अभाव में इधर-उधर भटकना पड़ता है।

*जानकारी अनुसार उद्योग विभाग में पदस्थ दलित कर्मचारी जाति को लेकर झेल रहा दंश*

उद्योग विभाग में पदस्थ कर्मचारी अजय सागर को अपने ही विभाग में स्वयं दलित होने के कारण विभाग के उच्च अधिकारीयों एवं कर्मचारीयों के बीच रहकर आए दिन जातिवाद को लेकर दंश झेलना पड़ रहा है और उन्हें विभाग के द्वारा दी जाने वाली प्रताड़नाओं के चलते बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर विकलांग कोटे में नौकरी हासिल करने वाली मैडम और राजेश पटेल द्वारा पूर्णतः फर्जी विकलांग सर्टिफिकेट दस्तावेज बनवाकर विभाग में शासकीय नौकरी प्राप्त कर शासन से मोटी पगार पा रहे है। प्रदेश सरकार और उद्योग विभाग को कई लाखों का चूना लगाया जा रहा है। जिस पर जल्द से जल्द बड़ी कार्यवाही के तहत तलवार लटकना तय है। 

*संबंधितों को लेकर समस्त दस्तावेजों सहित जल्द से जल्द खुलासा किया जाएगा,फिलहाल मामला हाई कोर्ट में विचाराधीन है*

कटनी जिले के उद्योग विभाग में पदस्थ महाप्रबंधक और अपने आपको सहायक प्रबंधक बताने वाले राजेश पटेल के द्वारा लगाए गए दस्तावेजों से स्पष्ट प्रमाणित होता है कि उद्योग विभाग में नौकरी हासिल करने के लिए कूटरचित कर फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से महाप्रबंधक और सहायक प्रबंधक के पद पर नौकरी हासिल की गई है। जबकि विभाग में बैठे उच्च अधिकारियों को महाप्रबंधक मैडम सहित राजेश पटेल की गोपनीय चरित्रावली विभाग के उच्च अधिकारियों को भेजकर बर्खास्तगी की कार्यवाही के लिए प्रतिवेदन भेजना न्याय उचित था किंतु सब जानते हुए भी विभाग के अधिकारियों का खुलेआम महाप्रबंधक एवं सहायक प्रबंधक को संरक्षण प्राप्त है जिससे वह विभाग में बैठकर खुलेआम डंके की चोट पर कार्य कर मोटी पगार प्राप्त कर रहा है। जबकि समय रहते विभाग के अधिकारियों को संबंधितों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करते हुए शासन के साथ धोखाधड़ी करने पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर शासकीय सेवा से बर्खास्त किये जाने की कार्यवाही करना चाहिए जो न्याय हित में होगा ।।

आगे की सच्चाई फर्जी सर्टिफिकेट और फर्जी बिलों के साथ शेष अंक पर।


मनोज सिंह परिहार ✍️

8225008012

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